'एक राष्ट्र एक चुनाव' (One Nation One Election — ONOE) भारतीय राजनीति का सबसे चर्चित विषय बन चुका है। मार्च 2026 में लोकसभा ने इस प्रस्ताव की जाँच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (JPC) का कार्यकाल 2026 के मानसून सत्र तक बढ़ा दिया है। RAS प्रीलिम्स (भारतीय राजव्यवस्था) और मेन्स (शासन एवं संवैधानिक मुद्दे) दोनों के लिए यह विषय अत्यंत प्रासंगिक है।
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'एक राष्ट्र एक चुनाव' का अर्थ है लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराना। भारत में 1952, 1957, 1962 और 1967 में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ हुए थे। 1968-69 में कई विधानसभाओं के समय पूर्व विघटन के बाद यह चक्र टूट गया।
#### कोविंद समिति (High-Level Committee)
सितम्बर 2023 में भारत सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति **रामनाथ कोविंद** की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया। समिति ने मार्च 2024 में अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति को सौंपी और एक साथ चुनाव कराने की सिफारिश की।
**कोविंद समिति की प्रमुख सिफारिशें:**
• लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जाएँ
• इसके 100 दिन के भीतर स्थानीय निकाय चुनाव भी आयोजित किए जाएँ
• एकल मतदाता सूची (Common Electoral Roll) और एकल मतदाता पहचान पत्र (Common EPIC) तैयार किए जाएँ
• इसके लिए संविधान में आवश्यक संशोधन किए जाएँ
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दिसम्बर 2024 में केंद्र सरकार ने लोकसभा में दो विधेयक प्रस्तुत किए:
#### 1. संविधान (129वाँ संशोधन) विधेयक
• लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने का प्रावधान
• 'नियत तिथि' (Appointed Date) का प्रावधान — जिस दिन से एक साथ चुनाव लागू होंगे
• यदि कोई विधानसभा समय से पहले भंग होती है, तो शेष अवधि के लिए नए चुनाव होंगे
• एकल मतदाता सूची का प्रावधान — चुनाव आयोग और राज्य चुनाव आयोगों का समन्वय
#### 2. केंद्रशासित प्रदेश विधि (संशोधन) विधेयक
• विधानसभा वाले केंद्रशासित प्रदेशों (दिल्ली, पुडुचेरी, जम्मू-कश्मीर) में भी एक साथ चुनाव का प्रावधान
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अध्यक्ष:: भाजपा सांसद पी.पी. चौधरी
सदस्य संख्या:: 39 (लोकसभा और राज्यसभा दोनों से)
कार्यकाल विस्तार:: मार्च 2026 में लोकसभा ने JPC का कार्यकाल **2026 के मानसून सत्र** तक बढ़ाया
• समिति विभिन्न विशेषज्ञों, संवैधानिक विद्वानों और हितधारकों से परामर्श कर रही है
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ONOE लागू करने के लिए संविधान के निम्नलिखित अनुच्छेदों में संशोधन आवश्यक है:
| अनुच्छेद | विषय |
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| अनुच्छेद 83 | संसद के सदनों की अवधि |
| अनुच्छेद 85 | संसद के सत्र, सत्रावसान और विघटन |
| अनुच्छेद 172 | राज्य विधानमंडल की अवधि |
| अनुच्छेद 174 | विधानमंडल के सत्र |
| अनुच्छेद 356 | राष्ट्रपति शासन (यदि विधानसभा भंग हो) |
इसके अतिरिक्त, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 और दल-बदल विरोधी कानून (दसवीं अनुसूची) में भी परिवर्तन आवश्यक हो सकते हैं।
**महत्वपूर्ण:** यह विधेयक संविधान संशोधन है, अतः इसे संसद के दोनों सदनों में **2/3 बहुमत** तथा **कम से कम आधे राज्य विधानमंडलों** के अनुसमर्थन की आवश्यकता होगी (अनुच्छेद 368)।
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1. **चुनावी व्यय में कमी:** बार-बार चुनाव से सरकारी खजाने और राजनीतिक दलों पर भारी खर्च होता है
2. **शासन में निरंतरता:** आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) बार-बार लगने से विकास कार्य रुकते हैं
3. **प्रशासनिक दक्षता:** सुरक्षा बल, चुनाव कर्मचारी और सरकारी मशीनरी पर कम बोझ
4. **नीतिगत फोकस:** सरकारें चुनावी राजनीति के बजाय शासन पर ध्यान केंद्रित कर सकती हैं
5. **मतदाता थकान में कमी:** बार-बार चुनाव से मतदाता उदासीन हो जाते हैं
1. **संघवाद पर प्रभाव:** राज्यों के मुद्दे राष्ट्रीय मुद्दों में दब सकते हैं
2. **क्षेत्रीय दलों को नुकसान:** राष्ट्रीय दलों को लाभ, क्षेत्रीय दलों की पहचान कमज़ोर हो सकती है
3. **संवैधानिक जटिलता:** अनेक अनुच्छेदों में संशोधन और राज्यों की सहमति आवश्यक
4. **लोकतांत्रिक जवाबदेही:** यदि सरकार जनता का विश्वास खो दे तो नए चुनाव में देरी
5. **व्यावहारिक कठिनाइयाँ:** इतने बड़े पैमाने पर एक साथ चुनाव कराने की लॉजिस्टिक चुनौतियाँ — EVM, कर्मचारी, सुरक्षा
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स्वीडन:: संसद और स्थानीय निकायों के चुनाव एक साथ
दक्षिण अफ्रीका:: राष्ट्रीय और प्रांतीय चुनाव एक साथ (हर 5 वर्ष)
ब्राजील:: राष्ट्रपति, गवर्नर और विधानसभा चुनाव एक साथ
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1. **कोविंद समिति:** गठन सितम्बर 2023, रिपोर्ट मार्च 2024
2. **दो विधेयक:** संविधान (129वाँ संशोधन) विधेयक + केंद्रशासित प्रदेश विधि (संशोधन) विधेयक
3. **JPC:** 39 सदस्य, अध्यक्ष पी.पी. चौधरी, कार्यकाल मानसून सत्र 2026 तक
4. **अनुच्छेद 83 और 172:** क्रमशः संसद और विधानमंडल की अवधि
5. **अनुच्छेद 368:** संशोधन प्रक्रिया — 2/3 बहुमत + आधे राज्यों का अनुसमर्थन
6. **भारत में पहले:** 1952-67 तक एक साथ चुनाव होते थे
7. **एकल मतदाता सूची:** ONOE का एक प्रमुख प्रस्ताव
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**प्रीलिम्स स्तर:**
• 'एक राष्ट्र एक चुनाव' पर कोविंद समिति के अध्यक्ष कौन थे?
• ONOE के लिए संविधान के किन अनुच्छेदों में संशोधन आवश्यक है?
• JPC के वर्तमान अध्यक्ष कौन हैं?
**मेन्स स्तर:**
• 'एक राष्ट्र एक चुनाव भारतीय संघवाद के लिए चुनौती है।' इस कथन का समालोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए।
• समकालिक चुनावों के पक्ष और विपक्ष में तर्कों का विश्लेषण कीजिए।
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एक राष्ट्र एक चुनाव भारतीय लोकतंत्र में एक ऐतिहासिक बदलाव की संभावना प्रस्तुत करता है। JPC की जाँच जारी है और मानसून सत्र 2026 तक इसकी रिपोर्ट अपेक्षित है। RAS अभ्यर्थियों के लिए यह विषय भारतीय राजव्यवस्था, शासन और करंट अफेयर्स तीनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण है।
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