परिचय
राजस्थान भारत का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा राज्य है और इसकी अर्थव्यवस्था देश की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। वर्ष 2026-27 में राज्य की अर्थव्यवस्था ₹21.52 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।
राजस्थान का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP)
राजस्थान का GSDP वर्तमान मूल्यों पर ₹18.75 लाख करोड़ अनुमानित है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10.24% की वृद्धि दर्शाता है। वर्ष 2025-26 के लिए GSDP ₹19,89,000 करोड़ अनुमानित है, जो 16.7% की वृद्धि है।
- FY16 से FY26 के बीच GSDP में 11.31% की CAGR से वृद्धि
- प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि
- विकसित राजस्थान 2047 की दिशा में प्रगति
क्षेत्रीय संरचना
राजस्थान की अर्थव्यवस्था तीन प्रमुख क्षेत्रों में विभाजित है:
- सेवा क्षेत्र: 47.7% - परिवहन, वित्त, संचार, पर्यटन
- उद्योग क्षेत्र: 26.5% - खनन, विनिर्माण, विद्युत
- कृषि क्षेत्र: 25.7% - फसलें, पशुधन, वानिकी
राजस्थान बजट 2026-27
बजट 11 फरवरी 2026 को उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी द्वारा प्रस्तुत किया गया।
- कृषि बजट में 7.59% वृद्धि
- कृषि के लिए ₹11,300 करोड़ आवंटन
- बुनियादी ढांचे पर ₹3,427 करोड़ पूंजीगत व्यय
कृषि और किसान कल्याण योजनाएं
- ब्याज मुक्त ऋण: 35 लाख किसानों को ₹25,000 करोड़
- कृषि यंत्रीकरण: ₹160 करोड़, 50,000 किसानों को लाभ
- आधुनिक कृषि: ग्रीनहाउस, पॉलीहाउस के लिए ₹200 करोड़
- डेयरी सब्सिडी: ₹5/लीटर, ₹700 करोड़ आवंटन
खनिज संसाधन
राजस्थान 57 विभिन्न खनिजों का उत्पादन करता है:
- जस्ता: 90% से अधिक राष्ट्रीय उत्पादन
- सीसा: 100% राष्ट्रीय उत्पादन
- तांबा: 43.1% राष्ट्रीय हिस्सेदारी
- रामपुरा-आगुचा: भारत का सबसे बड़ा जस्ता-सीसा भंडार
औद्योगिक विकास
राइजिंग राजस्थान समिट (दिसंबर 2024) में ₹30 लाख करोड़ के MoUs हस्ताक्षरित। टाटा पावर की ₹1.2 लाख करोड़ की प्रतिबद्धता।
RAS परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण
- GSDP 2025-26: ₹19,89,000 करोड़
- वृद्धि दर: 16.7%
- सेवा क्षेत्र योगदान: 47.7%
- जस्ता-सीसा: एकमात्र उत्पादक राज्य