अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार
विषय: सामान्य ज्ञान (करेंट अफेयर्स)
अध्याय: अंतर्राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स
परीक्षा: राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) - RAS
परिचय एवं परीक्षा प्रासंगिकता
अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार वैश्विक स्तर पर दिए जाने वाले सम्मान हैं जो विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किए जाते हैं। RPSC RAS परीक्षा के लिए यह विषय अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह अंतर्राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स का एक महत्वपूर्ण भाग है। परीक्षार्थियों को विश्व के प्रमुख पुरस्कारों, उनके प्रदाताओं, वर्ष, और भारतीय विजेताओं की जानकारी होनी चाहिए।
यह अध्ययन सामग्री आपको प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों, उनकी स्थापना, महत्व और भारत के संदर्भ में उनकी प्रासंगिकता समझने में सहायता करेगी। सामान्य ज्ञान की परीक्षा में इससे सीधे प्रश्न आते हैं और यह साक्षात्कार में भी महत्वपूर्ण विषय है।
मुख्य अवधारणाएं
1. नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize)
नोबेल पुरस्कार विश्व का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार है जिसकी स्थापना स्वीडन के वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में की गई थी। यह पुरस्कार हर वर्ष दिसंबर महीने में प्रदान किया जाता है। नोबेल पुरस्कार छः श्रेणियों में दिया जाता है - भौतिकी, रसायन विज्ञान, शरीरक्रिया या चिकित्सा, साहित्य, शांति और आर्थिक विज्ञान। भारत से राजीव गांधी शांति पुरस्कार (1997), अमर्त्य सेन को अर्थशास्त्र में (1998), वेंकटरमन रामकृष्णन को रसायन विज्ञान में (2009) और कैलाश सत्यार्थी को शांति पुरस्कार (2014) मिले हैं।
2. ऑस्कर पुरस्कार (Academy Awards)
ऑस्कर पुरस्कार विश्व में फिल्म उद्योग का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार है। यह प्रतिवर्ष अमेरिकी फिल्म अकादमी द्वारा प्रदान किया जाता है। भारतीय सिनेमा के संदर्भ में, सत्यजीत रे को आजीवन उपलब्धि पुरस्कार (1992) मिला था। "भारत मातृ" (1957) को विदेशी भाषा फिल्म के लिए सर्वोत्तम फिल्म नामांकन मिला था। हाल ही में भारतीय फिल्मों को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अधिक स्वीकृति मिल रही है।
3. मैन बुकर पुरस्कार (Booker Prize)
मैन बुकर पुरस्कार अंग्रेजी भाषा के सर्वश्रेष्ठ उपन्यास के लिए दिया जाता है। यह पुरस्कार ब्रिटिश और आयरिश लेखकों तथा कुछ कॉमनवेल्थ देशों के लेखकों को दिया जाता है। भारत के अरुंधति राय को "द गॉड ऑफ स्मॉल थिंग्स" के लिए (1997) में बुकर पुरस्कार मिला था। किरण देसाई को "इनहेरिटेंस ऑफ लॉस" के लिए (2006) में यह पुरस्कार मिला।
4. ग्रैमी अवार्ड्स (Grammy Awards)
ग्रैमी अवार्ड्स संगीत उद्योग का सबसे प्रमुख पुरस्कार है जो प्रतिवर्ष अमेरिकी रिकॉर्डिंग अकादमी द्वारा प्रदान किए जाते हैं। यह पुरस्कार संगीत की विभिन्न श्रेणियों में दिया जाता है। भारतीय संगीत कलाकारों को भी इस पुरस्कार के लिए नामांकन मिलते हैं। रविशंकर को ग्रैमी लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया गया था।
5. प्राइमस पुरस्कार (Pritzker Prize)
प्राइमस पुरस्कार वास्तुकला (आर्किटेक्चर) के क्षेत्र में दिया जाने वाला सबसे प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार है। यह पुरस्कार प्रतिवर्ष मार्च महीने में प्रदान किया जाता है। भारत में बालकृष्ण दोषी (1995) और चार्ल्स कोरिया को इस पुरस्कार के लिए नामांकन मिले हैं। यह पुरस्कार वास्तुकला के क्षेत्र में "नोबेल पुरस्कार" माना जाता है।
महत्वपूर्ण तथ्य
• नोबेल पुरस्कार: 1901 में प्रथम बार दिया गया। नोबेल शांति पुरस्कार नॉर्वेजियन नोबेल समिति द्वारा और अन्य पुरस्कार स्वीडिश अकादमी द्वारा दिए जाते हैं।
• पुलित्जर पुरस्कार: यह अमेरिकी पुरस्कार है जो पत्रकारिता, साहित्य और संगीत में दिया जाता है। इसकी स्थापना 1917 में हुई थी।
• तानसेन पुरस्कार: भारत में शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में दिया जाने वाला सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार है।
• ग्लोबल पीस इंडेक्स: यह विभिन्न देशों की शांति को दर्शाता है।
• वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम अवार्ड्स: विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता को मान्यता देते हैं।
• व्हिट्टल पुरस्कार: पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में दिया जाता है।
• रेमन मैग्सेसे पुरस्कार: एशिया का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार है जो 1958 से दिया जा रहा है। इसे "एशियाई नोबेल पुरस्कार" कहा जाता है। भारत के कई व्यक्तियों को यह पुरस्कार मिल चुका है।
राजस्थान विशेष
राजस्थान के संदर्भ में, कई प्रमुख व्यक्तित्वों ने अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किए हैं। कैलाश सत्यार्थी जो राजस्थान के माना जाता है, को नोबेल शांति पुरस्कार (2014) से सम्मानित किया गया। उनके बाल अधिकार आंदोलन को विश्व स्तर पर मान्यता मिली है।
राजस्थान में दिए जाने वाले राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी महत्वपूर्ण हैं। राजस्थान साहित्य अकादमी, संगीत नाटक अकादमी और अन्य सांस्कृतिक संगठन राजस्थानी संस्कृति को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करते हैं। भारतीय सिनेमा में राजस्थानी कलाकारों का महत्वपूर्ण योगदान है।
RPSC RAS परीक्षा में राजस्थान के विकास, संस्कृति और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन से संबंधित प्रश्न आते हैं। अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों का यह अध्ययन राजस्थान के उद्यमशीलता और सांस्कृतिक योगदान को समझने में सहायक है।
परीक्षा पैटर्न
RPSC RAS परीक्षा में अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों से संबंधित प्रश्न निम्नलिखित प्रारूप में आते हैं:
1. बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ): परीक्षा में 100 बहुविकल्पीय प्रश्न आते हैं। इनमें से कुछ अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों से संबंधित हो सकते हैं। जैसे - "नोबेल पुरस्कार की स्थापना किस देश में हुई थी?" या "बालकृष्ण दोषी को किस पुरस्कार के लिए नामांकन मिला?"
2. रिक्त स्थान भरें: "_____ को 2014 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।" (उत्तर: कैलाश सत्यार्थी)
3. सही जोड़ी बनाएं: पुरस्कारों को उनके क्षेत्रों से मेल खाना हो सकता है।
4. साक्षात्कार (Interview): साक्षात्कार में इस विषय से सामान्य प्रश्न पूछे जा सकते हैं जैसे अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों का महत्व, भारत का योगदान और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के बारे में।
स्मरण युक्तियां
1. पुरस्कार को वर्ष से जोड़ें: प्रमुख भारतीय विजेताओं को उनके पुरस्कार वर्ष के साथ याद करें। जैसे - अमर्त्य सेन (1998), कैलाश सत्यार्थी (2014)।
2. छ: नोबेल श्रेणियां याद रखें: फिजिक्स, केमिस्ट्री, फिजियोलॉजी/मेडिसिन, लिटरेचर, पीस, ईकोनॉमिक्स - इन्हें याद रखने के लिए "पीसीएमएलपीई" का उपयोग कर सकते हैं।
3. भारतीय विजेताओं की सूची बनाएं: एक तालिका बनाएं जिसमें भारतीय पुरस्कार विजेताओं, उनके पुरस्कार और वर्ष शामिल हों।
4. क्षेत्र के आधार पर वर्गीकरण: पुरस्कारों को विज्ञान, साहित्य, शांति, संगीत आदि क्षेत्रों में विभाजित करें।
5. समसामयिक घटनाओं से जुड़ें: हर वर्ष नोबेल पुरस्कार घोषणा समाचार में रहती है। इन समाचारों को करेंट अफेयर्स से जोड़ें।
6. मनेमोनिक्स का उपयोग: "रेमन मैग्सेसे = एशिया का नोबेल" जैसे वाक्यांश बनाएं।
7. नियमित संशोधन: महीने के अंत में सभी पुरस्कारों का एक बार संशोधन अवश्य करें ताकि वे दीर्घकालीन स्मृति में रहें।
8. टीवी और समाचार पत्रों पर ध्यान दें: नोबेल पुरस्कार घोषणा के समय विभिन्न चैनलों पर विशेष कार्यक्रम प्रसारित होते हैं। इन्हें देखना लाभकारी है।
निष्कर्ष: अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार RPSC RAS परीक्षा का एक महत्वपूर्ण अंश हैं। इस विषय का अच्छा ज्ञान आपको प्रतिযोगिता में आगे रखेगा। नियमित अध्ययन, संशोधन और समसामयिक घटनाओं के साथ तालमेल बनाए रखने से आप इस विषय में पूर्ण दक्षता प्राप्त कर सकते हैं।