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📚 राजस्थान की अर्थव्यवस्था

जल संसाधन - राजस्थान की अर्थव्यवस्था (RPSC RAS परीक्षा गाइड)

Water Resources: Macro Economic Overview - Economy of Rajasthan | RPSC RAS Study Guide

12 मिनटintermediate· Economy of Rajasthan

परिचय एवं परीक्षा प्रासंगिकता

जल संसाधन राजस्थान की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण आधार है। RPSC RAS परीक्षा में अर्थव्यवस्था खंड के तहत जल संसाधन से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। राजस्थान एक अर्ध-शुष्क प्रदेश है जहां वर्षा अनियमित और असमान वितरण की समस्या है। इसलिए यह विषय प्रीलिम्स और मेन्स दोनों परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। जल संसाधन का सही प्रबंधन और विकास राजस्थान के कृषि, पशुपालन, उद्योग और पेयजल आपूर्ति को प्रभावित करता है।

प्रीलिम्स में सामान्यतः बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं जबकि मेन्स में विस्तृत उत्तर की मांग की जाती है। इस गाइड के माध्यम से आप जल संसाधन से संबंधित सभी महत्वपूर्ण बिंदु समझ सकेंगे।

मुख्य अवधारणाएं

जल संसाधन का वर्गीकरण

जल संसाधनों को मुख्यतः दो श्रेणियों में विभाजित किया जाता है - सतही जल और भूमिगत जल। सतही जल में नदियों, झीलों, जलाशयों और नहरों का जल शामिल है। राजस्थान में घग्घर, सरस्वती, लूनी, चंबल और बनास जैसी नदियां हैं। भूमिगत जल भूजल स्रोतों से प्राप्त होता है। राजस्थान में भूमिगत जल अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि अधिकांश क्षेत्र वर्षा की कमी से प्रभावित हैं। वर्तमान में भूमिगत जल का अत्यधिक दोहन एक गंभीर समस्या बन गई है।

राजस्थान की नदी प्रणाली और वर्षा पैटर्न

राजस्थान की वार्षिक वर्षा 250 मिलीमीटर से 800 मिलीमीटर तक भिन्न है। पूर्वी राजस्थान में वर्षा अधिक होती है जबकि पश्चिमी और उत्तरी क्षेत्रों में बहुत कम वर्षा होती है। बीकानेर और जैसलमेर जिले सबसे शुष्क क्षेत्र हैं। चंबल नदी दक्षिण-पूर्वी राजस्थान से होकर गुजरती है और अरब सागर की ओर बहती है। लूनी नदी मरुस्थलीय क्षेत्र में बहती है। इन नदियों का जल कृषि और पेयजल के लिए महत्वपूर्ण है।

जलाशय और बांधों की भूमिका

राजस्थान में कई महत्वपूर्ण जलाशय और बांध हैं जो जल संसाधन प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राणा प्रताप सागर, जवाहर सागर, कोटा बैराज, राजसमंद, पिछोला और उदयसागर जैसे जलाशय प्रमुख हैं। इंदिरा गांधी नहर (भाकरा-नांगल परियोजना का भाग) राजस्थान के उत्तरी क्षेत्रों में जल की आपूर्ति करती है। ये बांध और जलाशय सिंचाई, विद्युत उत्पादन और जल आपूर्ति के मुख्य स्रोत हैं।

सिंचाई और कृषि विकास

राजस्थान की कृषि मानसून पर अत्यधिक निर्भर है, इसलिए सिंचाई अत्यंत महत्वपूर्ण है। कुल कृषि योग्य भूमि का लगभग 25-30 प्रतिशत सिंचित है। नहर सिंचाई सबसे बड़ा स्रोत है, जिसके बाद कुआं और बोरवेल आते हैं। राजस्थान में नहर सिंचाई का क्षेत्र लगभग 1.5 मिलियन हेक्टेयर है। भूमिगत जल का दोहन हाल के वर्षों में अत्यधिक बढ़ गया है जिससे जल स्तर में गिरावट आई है।

जल गुणवत्ता और संरक्षण की चुनौतियां

राजस्थान में जल गुणवत्ता एक बड़ी समस्या है। अनेक क्षेत्रों में भूमिगत जल में लवणीयता, फ्लोराइड और आर्सेनिक का उच्च स्तर मिलता है। जैसलमेर, बीकानेर और बाड़मेर जिलों में जल की लवणीयता विशेष समस्या है। दक्षिणी राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में फ्लोराइड की समस्या है जिससे दंत और कंकाल विकृति होती है। जल संरक्षण और जल प्रबंधन के लिए सरकार ने विभिन्न योजनाएं चलाई हैं जैसे अंजली योजना, राज्य जल नीति आदि।

महत्वपूर्ण तथ्य

राजस्थान की वार्षिक वर्षा: औसतन 575 मिलीमीटर, लेकिन क्षेत्रीय भिन्नता अधिक है।

प्रमुख नदियां: चंबल, बनास, लूनी, घग्घर, सरस्वती, महावती आदि।

इंदिरा गांधी नहर की लंबाई: लगभग 649 किलोमीटर राजस्थान में।

सबसे बड़ा जलाशय: राणा प्रताप सागर (चंबल नदी पर)।

भूमिगत जल: राजस्थान में कुल जल संसाधन का लगभग 35 प्रतिशत भूमिगत है।

जल संकट जिले: बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, चूरू प्रमुख रूप से प्रभावित हैं।

राजस्थान विशेष

राजस्थान की जल परिस्थिति भारत के अन्य राज्यों से भिन्न है। यहां की अर्ध-शुष्क जलवायु के कारण जल की कमी एक स्थायी समस्या है। राजस्थान को अन्य राज्यों से नदी जल के बंटवारे पर निर्भर रहना पड़ता है। सतलज-व्यास समझौता के तहत राजस्थान को सतलज और व्यास से जल मिलता है जो इंदिरा गांधी नहर के माध्यम से पहुंचाया जाता है। चंबल समझौते के तहत चंबल नदी के जल का बंटवारा होता है। यमुना से भी राजस्थान को कुछ जल प्राप्त होता है।

राजस्थान में पारंपरिक जल संरक्षण संरचनाएं जैसे खादीन, जोहड़ और तालाब भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इंदिरा गांधी नहर परियोजना राजस्थान में सबसे बड़ी सिंचाई परियोजना है जिसने पश्चिमी राजस्थान को कृषि योग्य बनाने में मदद की है।

परीक्षा पैटर्न

प्रीलिम्स में संभावित प्रश्न:

- राजस्थान में कौन सी नदी सबसे लंबी है? (उत्तर: चंबल)

- इंदिरा गांधी नहर किन नदियों से जल प्राप्त करती है?

- राजस्थान में कौन से जिले सबसे शुष्क हैं?

- चंबल समझौते के तहत कौन से राज्य हैं?

मेन्स में संभावित प्रश्न:

- राजस्थान में जल संसाधनों की समस्याओं और उनके समाधान पर विस्तार से लिखिए।

- इंदिरा गांधी नहर परियोजना राजस्थान के आर्थिक विकास में क्या भूमिका निभाती है?

- भूमिगत जल के अत्यधिक दोहन से राजस्थान में कौन सी समस्याएं पैदा हुई हैं?

स्मरण युक्तियां

नदियों को याद करने के लिए: "चंबल, बनास, लूनी - ये राजस्थान की मुख्य नदियां हैं।" पश्चिम से पूर्व की ओर सोचें।

वर्षा पैटर्न: "पूर्व = अधिक, पश्चिम = कम" - यह सिद्धांत हमेशा याद रखें।

जल संसाधन स्रोत: सतही (नदियां, नहरें, बांध) + भूमिगत (कुआं, बोरवेल) = कुल जल संसाधन।

महत्वपूर्ण समझौते: सतलज-व्यास (IGC), चंबल (राजस्थान-मध्य प्रदेश)।

संख्याओं को याद रखें: IGC की लंबाई - 649 किमी, औसत वर्षा - 575 मिमी, सिंचित क्षेत्र - 25-30%।

जल संकट क्षेत्र: "बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, चूरू - पश्चिमी राजस्थान की त्रिमुखी समस्या।"

इस अध्ययन सामग्री को गहनता से पढ़कर आप जल संसाधन विषय पर RPSC RAS परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं। नियमित संशोधन और करंट अफेयर्स का अनुसरण करना भी आवश्यक है।

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