परिचय
राजस्थान का इतिहास उसके शक्तिशाली राजवंशों और महान शासकों से परिभाषित होता है। RAS परीक्षा में यह सबसे अधिक पूछे जाने वाले विषयों में से एक है — प्रीलिम्स में हर साल 5-8 प्रश्न आते हैं। प्रमुख राजवंशों, उनके संस्थापकों, राजधानियों और प्रमुख उपलब्धियों को समझना अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए आवश्यक है।
मुख्य अवधारणाएं
1. गुहिलोत / सिसोदिया वंश (मेवाड़)
राजधानी: चित्तौड़ → उदयपुर (1568 के बाद)। संस्थापक: गुहिल (छठी शताब्दी)। बप्पा रावल ने 8वीं शताब्दी में मेवाड़ की सत्ता स्थापित की। राणा कुम्भा (32 दुर्गों के निर्माता), राणा सांगा (खानवा का युद्ध, 1527), और महाराणा प्रताप (हल्दीघाटी का युद्ध, 1576) सबसे प्रसिद्ध शासक थे।
2. चौहान वंश (अजमेर और रणथम्भौर)
राजधानी: अजमेर, बाद में रणथम्भौर। पृथ्वीराज चौहान तृतीय ने तराइन के प्रथम युद्ध (1191) में मोहम्मद गोरी को हराया लेकिन दूसरे युद्ध (1192) में हार गए। हम्मीर देव चौहान ने अलाउद्दीन खिलजी का मुकाबला किया।
3. राठौड़ वंश (मारवाड़/जोधपुर)
राजधानी: मंडोर → जोधपुर (1459 में राव जोधा द्वारा स्थापित)। राव मालदेव सबसे शक्तिशाली राठौड़ शासक थे। दुर्गादास राठौड़ ने राजकुमार अजीत सिंह की 20 वर्षों तक रक्षा की।
4. कछवाहा वंश (आमेर/जयपुर)
राजधानी: आमेर → जयपुर (1727 में सवाई जय सिंह द्वितीय द्वारा स्थापित)। राजा मान सिंह अकबर के नवरत्नों में से एक थे। कछवाहा मुगलों से वैवाहिक संबंध बनाने वाला पहला राजपूत वंश था (1562)।
5. भाटी वंश (जैसलमेर)
राजधानी: जैसलमेर (1156 में रावल जैसल द्वारा स्थापित)। सोनार किला यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है।
महत्वपूर्ण तथ्य
- मेवाड़ (सिसोदिया) ने कभी मुगलों के सामने पूर्ण समर्पण नहीं किया
- पृथ्वीराज चौहान तृतीय दिल्ली के अंतिम हिंदू शासक माने जाते हैं
- कुम्भलगढ़ दुर्ग की दीवार विश्व में दूसरी सबसे लंबी (36 किमी)
- राव जोधा ने 1459 में जोधपुर और मेहरानगढ़ दुर्ग की स्थापना की
- हल्दीघाटी का युद्ध (1576): महाराणा प्रताप बनाम मान सिंह
- चित्तौड़ में 3 बार जौहर हुआ: 1303, 1535, और 1568
परीक्षा टिप्स
राजवंशों से संबंधित प्रश्न आमतौर पर संस्थापकों और राजधानियों, महत्वपूर्ण युद्धों, स्थापत्य योगदान, और मुगल संबंधों पर पूछे जाते हैं। मेवाड़, मारवाड़ और आमेर पर विशेष ध्यान दें।
सारांश
राजस्थान के प्रमुख राजवंश — गुहिलोत/सिसोदिया (मेवाड़), चौहान (अजमेर), राठौड़ (मारवाड़), कछवाहा (आमेर), भाटी (जैसलमेर) — ने राज्य के राजनीतिक इतिहास को आकार दिया। RAS परीक्षा के लिए संस्थापकों, राजधानियों, प्रमुख शासकों और मुगल संबंधों पर ध्यान दें।