परिचय
IGNP — राजस्थान की और भारत की सबसे बड़ी नहर परियोजना। "राजस्थान की जीवनरेखा," "थार का कल्पवृक्ष।"
इतिहास
1948: इंजीनियर कंवर सेन — "IGNP के जनक।" 1958: निर्माण। 1984: नाम परिवर्तन। 1975: इंदिरा गांधी ने उद्घाटन।
जल स्रोत
हरिके बैराज — फिरोजपुर, पंजाब। सतलज + ब्यास नदियों का संगम। रावी-ब्यास ट्रिब्यूनल (1986): राजस्थान को 8.6 MAF।
नहर का मार्ग
प्रवेश: मसीतावाली हेड, हनुमानगढ़। अंतिम: गडरा रोड, बाड़मेर।
लंबाई
मुख्य नहर: 649 किमी। वितरिकाएं: 9,060+ किमी।
दो चरण
प्रथम (204 किमी): मसीतावाली → मसानी हेड। हनुमानगढ़, गंगानगर, बीकानेर।
द्वितीय (445 किमी): मसानी → गडरा रोड। बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर।
लाभान्वित जिले
सिंचाई: 7 जिले। पेयजल: 13 जिले। श्रीगंगानगर = "राजस्थान का अन्न भंडार।"
नकारात्मक प्रभाव
जल भराव। मृदा लवणीकरण। मरुस्थल पारिस्थितिकी पर असर।
RAS Prelims में महत्व
4-6 प्रश्न — IGNP सबसे महत्वपूर्ण भूगोल टॉपिक। जनक = कंवर सेन (1948)। स्रोत = हरिके बैराज। प्रवेश = मसीतावाली हेड, हनुमानगढ़। लंबाई = 649 किमी। अंतिम = गडरा रोड, बाड़मेर। ट्रिक: HKMLG।