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रक्षा - RPSC RAS परीक्षा अध्ययन गाइड

Defense - Everyday Science Study Guide for RPSC RAS Exam

12 मिनटintermediate· Science and Technology

परिचय एवं परीक्षा प्रासंगिकता

रक्षा (Defense) विज्ञान और प्रौद्योगिकी का एक महत्वपूर्ण अध्यायन है जो RPSC RAS परीक्षा के सामान्य अध्ययन के विषय में सम्मिलित है। राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राजस्थान प्रशासनिक सेवा परीक्षा में रक्षा क्षेत्र से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। यह विषय भारत की रक्षा व्यवस्था, आधुनिक प्रौद्योगिकी, सैन्य क्षमताओं और राष्ट्रीय सुरक्षा नीति को समझने के लिए अत्यंत आवश्यक है। RPSC RAS परीक्षा में दैनिक विज्ञान के अंतर्गत रक्षा प्रौद्योगिकी, हथियार प्रणालियां, सैन्य विमान, नौसेना और सीमावर्ती सुरक्षा से संबंधित प्रश्न आते हैं। यह अध्ययन गाइड आपको इस विषय की व्यापक जानकारी प्रदान करेगी।

मुख्य अवधारणाएं

भारतीय रक्षा व्यवस्था और संरचना

भारत की रक्षा व्यवस्था तीन मुख्य सशस्त्र सेनाओं पर आधारित है - भारतीय थलसेना (Indian Army), भारतीय नौसेना (Indian Navy) और भारतीय वायुसेना (Indian Air Force)। भारतीय थलसेना को दक्षिण एशिया की सबसे बड़ी स्थायी सेना के रूप में जाना जाता है जिसके पास लगभग 13 लाख सक्रिय कर्मी हैं। भारतीय नौसेना तीन कमांडों - पश्चिमी, पूर्वी और दक्षिणी कमांड में विभाजित है। भारतीय वायुसेना देश की हवाई सीमाओं की रक्षा करती है और विभिन्न आधुनिक विमानों से सुसज्जित है। रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) भारत सरकार के अंतर्गत आता है जो सभी रक्षा संबंधी नीतियों को निर्धारित करता है।

रक्षा अनुसंधान और विकास (DRDO)

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (Defence Research and Development Organisation - DRDO) भारत की प्रमुख रक्षा अनुसंधान एजेंसी है जो रक्षा प्रौद्योगिकी के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। DRDO की स्थापना 1958 में की गई थी और यह विभिन्न प्रकार की सैन्य प्रणालियों, मिसाइलों, राडार और अन्य उन्नत प्रौद्योगिकी का विकास करती है। DRDO के अंतर्गत विभिन्न प्रयोगशालाएं हैं जैसे - भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IAT), डिफेंस मेटेलर्जिकल रिसर्च लेबोरेटरी (DMRL) और अन्य महत्वपूर्ण संस्थान। ब्रह्मोस, आकाश, निर्भय जैसी मिसाइलें DRDO द्वारा ही विकसित की गई हैं।

भारतीय मिसाइल कार्यक्रम

भारत का मिसाइल कार्यक्रम विश्व के सबसे महत्वपूर्ण रक्षा कार्यक्रमों में से एक है। भारत के पास विभिन्न प्रकार की मिसाइलें हैं जैसे - अग्नि, ब्रह्मोस, आकाश, निर्भय, पृथ्वी आदि। अग्नि मिसाइल श्रृंखला भारत की सबसे उन्नत मिसाइल प्रणाली है जिसकी रेंज 5000 किमी से अधिक है। ब्रह्मोस एक क्रूज मिसाइल है जो भारत और रूस के संयुक्त प्रयास से विकसित की गई है। आकाश मिसाइल भारत की सबसे पहली स्वदेशी सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल है। ये सभी मिसाइलें भारत की रक्षा क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

आधुनिक सैन्य विमान और नौसेना प्रणालियां

भारतीय वायुसेना के पास विभिन्न आधुनिक लड़ाकू विमान हैं जैसे - सुखोई Su-30MKI, तेजस (HAL Tejas) और राफेल (Rafale)। सुखोई Su-30MKI भारतीय वायुसेना का सबसे उन्नत लड़ाकू विमान है जो रूस के साथ सहयोग से विकसित किया गया है। हल तेजस भारत का पहला स्वदेशी हल्का लड़ाकू विमान है जो HAL (Hindustan Aeronautics Limited) द्वारा निर्मित है। राफेल एक बहुत ही उन्नत विमान है जिसे फ्रांस से खरीदा गया है। भारतीय नौसेना के पास भी आधुनिक प्रकार के जहाज और पनडुब्बियां हैं जैसे - विक्रमादित्य (विमानवाहक पोत), कोलकाता क्लास विध्वंसक और स्कॉर्पीन क्लास पनडुब्बी।

सीमावर्ती सुरक्षा और सीमांत सशस्त्र बल

भारत की सीमावर्ती सुरक्षा के लिए सीमांत सशस्त्र बल (Border Security Force - BSF), केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और अन्य संगठन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। BSF की स्थापना 1965 में हुई थी और यह भारत की स्थल सीमाओं की रक्षा करता है। भारत की सीमा पाकिस्तान, चीन, बांग्लादेश, नेपाल और म्यांमार से लगती है। राजस्थान की पाकिस्तान के साथ एक बहुत बड़ी सीमा है जिसे राज्य सीमांत रक्षक दल (State Border Guard) के द्वारा सुरक्षित किया जाता है। सीमावर्ती क्षेत्रों में आधुनिक निगरानी प्रणालियां, सीमा दीवार और अन्य बुनियादी ढांचे का विकास किया गया है।

महत्वपूर्ण तथ्य

• भारतीय थलसेना का मुख्यालय: नई दिल्ली में स्थित है।
• भारतीय नौसेना का मुख्यालय: मुंबई (तत्कालीन बॉम्बे) में स्थित है।
• भारतीय वायुसेना का मुख्यालय: नई दिल्ली में स्थित है।
• DRDO की स्थापना: 15 अगस्त 1958 को हुई थी।
• भारत का पहला स्वदेशी विमान वाहक पोत: INS विक्रांत (जो अभी निर्माणाधीन है)।
• अग्नि-V मिसाइल की रेंज: 5000 किमी से अधिक है।
• हल तेजस विमान की पहली उड़ान: 4 मई 2001 को हुई थी।
• भारतीय सेना दिवस: 26 जनवरी को मनाया जाता है।
• भारत के रक्षा बजट: लगभग 70 अरब डॉलर प्रति वर्ष है।
• राजस्थान में मुख्य सैन्य छावनियां: जयपुर, जोधपुर, बीकानेर और अन्य स्थानों पर हैं।

राजस्थान विशेष

राजस्थान भारत के रक्षा सुरक्षा के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य है क्योंकि इसकी पाकिस्तान के साथ 1070 किमी लंबी सीमा है। राजस्थान में कई महत्वपूर्ण सैन्य कैंप और छावनियां स्थित हैं जैसे - जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, अलवर, बाड़मेर आदि। राजस्थान में DRDO की कई महत्वपूर्ण प्रयोगशालाएं भी स्थित हैं। राजस्थान की सीमावर्ती जिलों में सीमांत सशस्त्र बल की मजबूत मौजूदगी है। राजस्थान में भारतीय सेना के लिए रक्षा उत्पादन के लिए कई कारखाने भी हैं। राजस्थान का योगदान भारत की रक्षा व्यवस्था में अत्यंत महत्वपूर्ण है और यह राज्य सीमा पर सतर्कता बनाए रखने के लिए 24 घंटे तैयार रहता है।

परीक्षा पैटर्न

RPSC RAS परीक्षा में रक्षा विषय से संबंधित प्रश्न:
1. वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Questions): इस खंड में 1 अंक के 150 प्रश्न होते हैं और समय सीमा 3 घंटे होती है। इसमें रक्षा से संबंधित 8-10 प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
2. मुख्य परीक्षा (Mains): इसमें 4 प्रश्न पत्र होते हैं और रक्षा, विज्ञान व प्रौद्योगिकी के विषय में एक अलग प्रश्न पत्र होता है।
3. साक्षात्कार (Interview): व्यक्तिव्यक्त साक्षात्कार में भारत की रक्षा नीति और सुरक्षा से संबंधित सामान्य प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
महत्वपूर्ण बिंदु: परीक्षा में मिसाइल प्रणाली, रक्षा संगठन, सैन्य विमान, नौसेना, सीमा सुरक्षा और राजस्थान के रक्षा संबंधी पहलुओं पर प्रश्न आते हैं।

स्मरण युक्तियां

1. संक्षिप्ताक्षर याद रखें: DRDO, BSF, IAF, INS, CAPF आदि संक्षिप्ताक्षरों को याद रखें।
2. मिसाइलों की सूची बनाएं: अग्नि, ब्रह्मोस, आकाश, निर्भय, पृथ्वी जैसी मिसाइलों की एक सूची तैयार करें और उनकी विशेषताओं को याद रखें।
3. संस्थापन तिथियां: DRDO की स्थापना (1958), BSF की स्थापना (1965) जैसी महत्वपूर्ण तिथियां याद रखें।
4. चार्ट और डायग्राम बनाएं: भारतीय सशस्त्र सेनाओं की संरचना का एक चार्ट बनाएं जो याद रखने में मदद करेगा।
5. समाचार पत्रों का अनुसरण करें: भारत की नई रक्षा प्रौद्योगिकी और सैन्य विकास के बारे में नियमित रूप से समाचार पत्रों में पढ़ें।
6. तुलनात्मक अध्ययन: भारतीय और अन्य देशों की रक्षा क्षमता की तुलना करें।
7. नियमित संशोधन: हर सप्ताह एक बार अध्ययन किए गए विषयों को दोबारा पढ़ें और महत्वपूर्ण बिंदुओं को नोट करें।

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