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नोबल पुरस्कार: RPSC RAS परीक्षा अध्ययन पुस्तिका

Nobel Prizes: Comprehensive Study Guide for RPSC RAS Exam

15 मिनटintermediate· Science and Technology

परिचय एवं परीक्षा प्रासंगिकता

नोबल पुरस्कार विश्व के सबसे प्रतिष्ठित और महत्वपूर्ण पुरस्कारों में से एक है। यह पुरस्कार प्रतिवर्ष उन व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने विज्ञान, साहित्य, शांति, अर्थशास्त्र और चिकित्सा के क्षेत्र में असाधारण योगदान दिया हो। RPSC RAS परीक्षा में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत नोबल पुरस्कार एक महत्वपूर्ण विषय है। यह प्रश्नपत्र में सामान्य ज्ञान और विज्ञान संबंधी प्रश्नों में नियमित रूप से पूछा जाता है।

नोबल पुरस्कार के बारे में जानकारी परीक्षार्थियों के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह विश्व की प्रमुख वैज्ञानिक एवं तकनीकी उपलब्धियों को दर्शाता है। साथ ही, भारतीय वैज्ञानिकों के योगदान को समझना भी अत्यंत आवश्यक है। RPSC परीक्षा में राजस्थान से संबंधित नोबल विजेताओं के बारे में पूछा जा सकता है।

मुख्य अवधारणाएं

नोबल पुरस्कार का इतिहास एवं स्थापना

नोबल पुरस्कार की स्थापना स्वीडिश वैज्ञानिक और विस्फोटक के आविष्कारक अल्फ्रेड नोबल की वसीयत के अनुसार 1901 में की गई थी। अल्फ्रेड नोबल का जन्म 1833 में स्वीडन में हुआ था और उनकी मृत्यु 1896 में हुई। उन्होंने अपनी संपूर्ण संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा इस पुरस्कार के लिए दान कर दिया। नोबल पुरस्कार को सर्वप्रथम 1901 में प्रदान किया गया था। यह पुरस्कार पाने वाले का नाम मरणोपरांत इतिहास में दर्ज हो जाता है और वह अपने क्षेत्र में सर्वोच्च सम्मान प्राप्त करता है।

नोबल पुरस्कार की श्रेणियां

वर्तमान समय में नोबल पुरस्कार की छह मुख्य श्रेणियां हैं: भौतिकी, रसायन विज्ञान, फिजियोलॉजी या चिकित्सा, साहित्य, शांति और आर्थिक विज्ञान। भौतिकी में नोबल पुरस्कार 1901 से शुरू हुआ। रसायन विज्ञान का पुरस्कार भी 1901 से ही प्रदान किया जा रहा है। चिकित्सा का पुरस्कार 1901 में शुरू किया गया। साहित्य और शांति के क्षेत्र में भी पुरस्कार उसी वर्ष से दिए जाने लगे। अर्थशास्त्र का नोबल पुरस्कार सबसे बाद में 1969 में शुरू किया गया।

नोबल पुरस्कार से संबंधित संस्थाएं

नोबल पुरस्कारों का प्रशासन विभिन्न स्वीडिश और नॉर्वेजियन संस्थाओं द्वारा किया जाता है। भौतिकी, रसायन विज्ञान और आर्थिक विज्ञान का पुरस्कार स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज द्वारा दिया जाता है। चिकित्सा का पुरस्कार स्वीडिश कारोलिंस्का संस्थान द्वारा प्रदान किया जाता है। साहित्य का पुरस्कार स्वीडिश एकेडमी द्वारा दिया जाता है। शांति का पुरस्कार नॉर्वे की नोबल समिति द्वारा प्रदान किया जाता है। प्रत्येक पुरस्कार विजेता को एक सोने का पदक, एक डिप्लोमा और नकद राशि दी जाती है।

भारतीय नोबल विजेता

भारत में कई गुणी वैज्ञानिक और विद्वान हुए हैं जिन्हें नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। रवीन्द्रनाथ टैगोर को 1913 में साहित्य के क्षेत्र में नोबल पुरस्कार दिया गया। वे एशिया के पहले नोबल विजेता थे। चंद्रशेखर वेंकटरमन को 1930 में भौतिकी में नोबल पुरस्कार प्राप्त हुआ। हरगोविंद खोराना को 1968 में चिकित्सा विज्ञान में नोबल पुरस्कार मिला। मदर टेरेसा को 1979 में शांति के क्षेत्र में नोबल पुरस्कार दिया गया, वे भारत में काम करने वाली थीं। अभिजीत बनर्जी को 2019 में अर्थशास्त्र में नोबल पुरस्कार मिला।

नोबल पुरस्कार की प्रक्रिया और मानदंड

नोबल पुरस्कार के लिए नामांकन की एक कठोर प्रक्रिया है। प्रत्येक क्षेत्र में योग्य व्यक्ति ही नामांकन कर सकते हैं। भौतिकी और रसायन विज्ञान में विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर नामांकन कर सकते हैं। चिकित्सा के क्षेत्र में मेडिकल संस्थानों के विशेषज्ञ नामांकन करते हैं। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नियुक्त समितियां इन नामांकनों की जांच करती हैं और सर्वश्रेष्ठ योगदान को चिन्हित करती हैं। पुरस्कार विजेता का निर्णय वर्ष में एक बार अक्टूबर माह में घोषित किया जाता है। समारोह दिसंबर में स्वीडन के स्टॉकहोम शहर में आयोजित किया जाता है।

महत्वपूर्ण तथ्य

· नोबल पुरस्कार की कुल राशि: प्रत्येक विजेता को मौद्रिक पुरस्कार दिया जाता है जो समय-समय पर बदलता है। वर्तमान में यह राशि लगभग 10 मिलियन स्वीडिश क्रोना (करीब 80 लाख भारतीय रुपये) है।

· महिला नोबल विजेता: मैरी क्यूरी प्रथम महिला थीं जिन्हें दो बार नोबल पुरस्कार मिला - एक रसायन विज्ञान में और एक भौतिकी में। वे अब तक की एकमात्र महिला हैं जिन्हें दो नोबल पुरस्कार मिले हैं।

· आयु सीमा नहीं: नोबल पुरस्कार के लिए कोई आयु सीमा नहीं है, लेकिन विजेता को जीवित होना चाहिए (शांति पुरस्कार को छोड़कर)।

· भारत में नोबल पुरस्कारों की संख्या: अब तक भारत के नागरिकों को कुल 6 नोबल पुरस्कार मिले हैं।

· सर्वाधिक नोबल विजेता देश: संयुक्त राज्य अमेरिका को सबसे अधिक नोबल पुरस्कार मिले हैं, इसके बाद यूनाइटेड किंगडम और जर्मनी आते हैं।

राजस्थान विशेष

राजस्थान से नोबल पुरस्कार प्राप्त करने वाले वैज्ञानिकों की संख्या सीमित है, लेकिन राजस्थान का विज्ञान और तकनीकी विकास में महत्वपूर्ण योगदान है। राजस्थान में कई प्रमुख वैज्ञानिक संस्थान स्थित हैं जो नोबल गुणवत्ता के अनुसंधान कार्य कर रहे हैं। जयपुर में भारतीय भौतिकी संस्थान (IPM) और अन्य अनुसंधान केंद्र विश्वस्तरीय शोध में लगे हुए हैं।

राजस्थान के प्राचीन काल में भी कई महान वैज्ञानिक और विद्वान हुए जिनके योगदान वर्तमान समय में भी प्रासंगिक हैं। RPSC परीक्षा में राजस्थान के विज्ञान इतिहास और योगदान के संदर्भ में नोबल मानदंडों का उल्लेख किया जा सकता है। राजस्थान सरकार ने विज्ञान और तकनीकी विकास के लिए विभिन्न योजनाएं शुरू की हैं।

परीक्षा पैटर्न

RPSC RAS परीक्षा में नोबल पुरस्कार से संबंधित प्रश्नों का पैटर्न:

· प्रश्न का प्रकार: बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ), अति लघु उत्तरीय प्रश्न, लघु उत्तरीय प्रश्न

· प्रश्नों के विषय: नोबल पुरस्कार के इतिहास से, किसी विशिष्ट वर्ष के विजेता से, भारतीय नोबल विजेताओं से, विभिन्न क्षेत्रों में नोबल पुरस्कार से, महिला नोबल विजेताओं से, राजस्थान से संबंधित वैज्ञानिकों से।

· अंकांकन: सामान्यतः प्रत्येक प्रश्न 1-2 अंक का होता है।

· परीक्षा में कठिनाई स्तर: आसान से मध्यम स्तर के प्रश्न पूछे जाते हैं।

स्मरण युक्तियां

1. वर्ष का महत्व जानें: प्रत्येक नोबल विजेता के साथ उस वर्ष को भी याद रखें। उदाहरण के लिए - रवीन्द्रनाथ टैगोर (1913), चंद्रशेखर वेंकटरमन (1930)।

2. क्षेत्र के अनुसार वर्गीकरण: नोबल विजेताओं को उनके क्षेत्र के अनुसार भाग करें - भौतिकी, रसायन विज्ञान, चिकित्सा, साहित्य, शांति, अर्थशास्त्र।

3. राष्ट्रीयता याद रखें: प्रत्येक विजेता की राष्ट्रीयता याद रखना महत्वपूर्ण है। भारतीय नोबल विजेताओं को विशेष महत्व दें।

4. महिला विजेताओं पर ध्यान दें: महिला नोबल विजेताओं की संख्या पुरुषों की तुलना में कम है। मैरी क्यूरी, बारबरा मैकलिंटॉक आदि को याद रखें।

5. नवीनतम जानकारी अद्यतन रखें: हर साल नए नोबल विजेता घोषित होते हैं। सर्वश्रेष्ठ परिणामों के लिए नवीनतम जानकारी संग्रहित करते रहें।

6. तुलनात्मक विश्लेषण: विभिन्न देशों द्वारा प्राप्त नोबल पुरस्कारों की तुलना करें और आंकड़ों को याद रखें।

7. आविष्कार और उपलब्धियां: नोबल विजेताओं की प्रमुख खोजों और आविष्कारों को भी याद रखें, न कि केवल नाम।

निष्कर्ष: नोबल पुरस्कार विज्ञान और मानविकी की दुनिया में एक शिखर मानदंड है। RPSC RAS परीक्षा में इस विषय की तैयारी करते समय छात्रों को ऐतिहासिक तथ्य, वर्ष, क्षेत्र और भारतीय योगदान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। नियमित अभ्यास और अद्यतन ज्ञान से परीक्षार्थी इस विषय में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।

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