नव गतिविधि: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
विषय: विज्ञान और प्रौद्योगिकी | अध्याय: रोज़मर्रा विज्ञान | विषय वस्तु: नव गतिविधि
परिचय एवं परीक्षा प्रासंगिकता
नव गतिविधि (New Activity/Recent Developments) विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सबसे महत्वपूर्ण विषय है। यह किसी भी सरकारी परीक्षा, विशेषकर RPSC RAS परीक्षा के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। नव गतिविधि से तात्पर्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हुई हाल की खोजों, आविष्कारों, और विकास से है।
RPSC RAS परीक्षा में यह विषय मुख्य रूप से सामान्य अध्ययन प्रथम पत्र में आता है और लगभग 5-8 प्रश्न पूछे जाते हैं। इस विषय की महत्ता इसलिए और भी अधिक है क्योंकि यह करंट अफेयर्स को जोड़ते हुए पूछे जाते हैं। नव गतिविधि को समझने के लिए रोज़मर्रा की घटनाओं और वैज्ञानिक प्रगति को ध्यान में रखना आवश्यक है।
मुख्य अवधारणाएं
१. कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence - AI) आधुनिक समय की सबसे महत्वपूर्ण तकनीक है। यह मानव मस्तिष्क की क्षमताओं को कंप्यूटर में प्रतिबिंबित करती है। मशीन लर्निंग, जो AI का एक हिस्सा है, कंप्यूटर को डेटा से सीखने की क्षमता देती है। भारत में AI का उपयोग स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कृषि और आर्थिक विकास में हो रहा है। RPSC RAS परीक्षा में AI से संबंधित नीतियों, अनुप्रयोगों और चुनौतियों पर प्रश्न पूछे जाते हैं।
२. आणविक और जैव प्रौद्योगिकी
आणविक प्रौद्योगिकी (Nanotechnology) अत्यंत सूक्ष्म स्तर पर काम करती है। इसका उपयोग चिकित्सा, इलेक्ट्रॉनिक्स और उर्जा के क्षेत्र में हो रहा है। जैव प्रौद्योगिकी (Biotechnology) जीवन के अध्ययन पर आधारित है और इसका उपयोग कृषि में बेहतर बीज विकसित करने में हो रहा है। भारत का बायोटेक सेक्टर विश्व में दूसरे स्थान पर है। यह विषय RPSC RAS परीक्षा में भारतीय कृषि, स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास के संदर्भ में पूछा जाता है।
३. अक्षय ऊर्जा और पर्यावरण प्रौद्योगिकी
अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy) आधुनिक विकास का मूल आधार है। सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जलविद्युत और बायोमास ऊर्जा के विषय में जागरूकता आवश्यक है। भारत ने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन की स्थापना की है। राजस्थान में सौर ऊर्जा परियोजनाएं महत्वपूर्ण हैं। पर्यावरण प्रौद्योगिकी जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध लड़ाई में सहायक है। RPSC RAS परीक्षा में इन विषयों पर विस्तार से प्रश्न पूछे जाते हैं।
४. अंतरिक्ष विज्ञान और उपग्रह प्रौद्योगिकी
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के माध्यम से भारत अंतरिक्ष के क्षेत्र में विश्व स्तर की उपलब्धियां हासिल कर रहा है। चंद्रयान, मंगलयान, आदित्य-एल१ जैसे मिशन भारतीय वैज्ञानिकों की प्रतिभा का परिचय देते हैं। उपग्रह प्रौद्योगिकी का उपयोग संचार, मौसम पूर्वानुमान, आपदा प्रबंधन और कृषि में हो रहा है। ये विषय RPSC RAS परीक्षा में राष्ट्रीय महत्व के दृष्टिकोण से पूछे जाते हैं।
५. क्वांटम कंप्यूटिंग और साइबर सुरक्षा
क्वांटम कंप्यूटिंग भविष्य की कंप्यूटिंग तकनीक है जो क्वांटम यांत्रिकी के सिद्धांतों पर आधारित है। यह अत्यंत जटिल समस्याओं को हल करने में सक्षम है। साइबर सुरक्षा डिजिटल भारत की रक्षा के लिए आवश्यक है। साइबर अपराध से बचाव के लिए नई तकनीकें विकसित की जा रही हैं। भारत में साइबर सुरक्षा नीति और कानून बनाए जा रहे हैं। ये विषय RPSC RAS परीक्षा में राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
- ड्रोन तकनीक: ड्रोन का उपयोग कृषि, संरक्षा, पुलिसिंग और आपातकालीन सेवाओं में बढ़ रहा है। भारत ने ड्रोन मार्केट में विनियमन के लिए नई नीति बनाई है।
- ५जी तकनीक: पांचवीं पीढ़ी की मोबाइल तकनीक तेजी से भारत में लागू हो रही है। यह इंटरनेट की गति को १०० गुना तक बढ़ा सकती है।
- ब्लॉकचेन तकनीक: इस तकनीक का उपयोग सुरक्षित लेनदेन, डिजिटल पहचान और पारदर्शिता के लिए हो रहा है।
- इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT): यह तकनीक विभिन्न उपकरणों को आपस में जोड़ती है। स्मार्ट सिटी और स्मार्ट गृह इसी का उदाहरण हैं।
- कोविड-१९ के बाद की तकनीकें: टेलीमेडिसिन, दूरस्थ शिक्षा, और ऑनलाइन व्यापार में तेजी से विकास हुआ है।
- जीन संपादन (CRISPR): इस तकनीक से आनुवंशिक बीमारियों का इलाज संभव हो रहा है।
- 3D प्रिंटिंग: यह तकनीक निर्माण, चिकित्सा और इंजीनियरिंग में क्रांति ला रही है।
राजस्थान विशेष
राजस्थान देश के सौर ऊर्जा उत्पादन में अग्रणी राज्य है। राजस्थान की सौर ऊर्जा क्षमता लगभग १०० गीगावाट है। खेतड़ी (झुंझुनू) के पास स्थित राजस्थान सौर परियोजना भारत की सबसे बड़ी सौर परियोजना है।
राजस्थान में डिजिटल इंडिया की पहल को लागू किया जा रहा है। जयपुर में IT हब विकसित किए जा रहे हैं। राजस्थान विश्वविद्यालय और IIT जोधपुर जैसे संस्थान शोध और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
राजस्थान में कृषि प्रौद्योगिकी का विस्तार हो रहा है। ड्रिप सिंचाई और सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। राजस्थान में बायो-फोर्टिफाइड फसलों पर शोध हो रहा है।
परीक्षा पैटर्न
RPSC RAS परीक्षा में नव गतिविधि से संबंधित प्रश्न निम्नलिखित प्रकार के होते हैं:
- प्रकार १: हाल की वैज्ञानिक खोजों के बारे में सामान्य ज्ञान प्रश्न
- प्रकार २: भारतीय वैज्ञानिक संगठनों (ISRO, DRDO, CSIR) के कार्यक्रमों और मिशनों से संबंधित प्रश्न
- प्रकार ३: नई तकनीकों के अनुप्रयोग और उनके सामाजिक प्रभाव से संबंधित प्रश्न
- प्रकार ४: पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन से संबंधित नई तकनीकों के बारे में प्रश्न
- प्रकार ५: राजस्थान विशेष विकास परियोजनाओं से संबंधित प्रश्न
प्रश्नों का स्तर सामान्य से मध्यम होता है। बहुत गहन तकनीकी ज्ञान की आवश्यकता नहीं है, लेकिन नई खोजों और विकास के बारे में अच्छी समझ होनी चाहिए।
स्मरण युक्तियां
१. करंट अफेयर्स का नियमित अध्ययन: हर महीने की महत्वपूर्ण वैज्ञानिक घटनाओं को नोट करें। "विज्ञान सारांश" या समाचार पत्रों का विज्ञान अनुभाग पढ़ें।
२. ISRO की वेबसाइट: ISRO की आधिकारिक वेबसाइट पर सभी मिशनों की जानकारी दी होती है। वहां से सीधी जानकारी लें।
३. मनेमॉनिक बनाएं: जटिल तकनीकी नामों के लिए संक्षिप्त रूप या स्मरण शब्द बनाएं। उदाहरण के लिए: AI = आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस।
४. विभागीय वर्गीकरण: नव गतिविधि को विभिन्न श्रेणियों में बांटें - स्पेस, एनर्जी, मेडिकल, IT आदि।
५. नक्शे और चित्र: राजस्थान की सौर परियोजनाओं के स्थान नक्शे पर चिह्नित करें।
६. साक्षात्कार तैयारी: मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार के लिए नव गतिविधि की सामान्य समझ विकसित करें।
७. संबंधित संगठनों को याद रखें: ISRO, DRDO, CSIR, BARC, NIT आदि के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों को याद रखें।
८. तुलनात्मक विश्लेषण: भारत की वैज्ञानिक प्रगति को अन्य देशों से तुलना करें।
नव गतिविधि का विषय लगातार विकसित हो रहा है। RPSC RAS परीक्षा की तैयारी करते समय इस विषय को गतिशील दृष्टिकोण से समझना चाहिए। हर नई खोज को समझने का प्रयास करें और उसके भारतीय और राजस्थानी संदर्भ को जानें। यह दृष्टिकोण परीक्षा में उच्च अंक प्राप्त करने में सहायक होगा।