परिचय एवं परीक्षा प्रासंगिकता
शिखर सम्मेलन (Summit) और अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (Conferences) अंतर्राष्ट्रीय संबंधों और राजनीति का अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ये विश्व के शीर्ष नेताओं और प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाते हैं जहाँ वे विश्वव्यापी मुद्दों पर विचार-विमर्श करते हैं। RPSC RAS परीक्षा के दृष्टिकोण से यह विषय बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके तहत अंतर्राष्ट्रीय राजनीति, कूटनीति, वैश्विक सहयोग और भारत की विदेश नीति से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रारंभिक परीक्षा में करंट अफेयर्स के अंतर्गत 20-30 प्रश्न इसी विषय से आते हैं।
मुख्य अवधारणाएं
1. शिखर सम्मेलन की परिभाषा और प्रकार
शिखर सम्मेलन (Summit) एक उच्च-स्तरीय राजनीतिक बैठक होती है जिसमें देशों के राष्ट्राध्यक्ष, प्रधानमंत्री या वरिष्ठ मंत्री भाग लेते हैं। द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन में दो देश भाग लेते हैं, जबकि बहुपक्षीय सम्मेलन में कई देश या अंतर्राष्ट्रीय संगठन शामिल होते हैं। ये सम्मेलन विभिन्न उद्देश्यों के लिए आयोजित किए जाते हैं जैसे द्विपक्षीय संबंध मजबूत करना, वैश्विक मुद्दों पर सर्वसहमति बनाना, और आर्थिक तथा राजनीतिक सहयोग बढ़ाना।
2. प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन
विश्व में कई महत्वपूर्ण सम्मेलन आयोजित होते हैं जैसे G20 शिखर सम्मेलन, BRICS सम्मेलन, SCO (शंघाई सहयोग संगठन) सम्मेलन, WHO की महासभा, संयुक्त राष्ट्र महासभा, और जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (COP)। भारत इन सभी मंचों में सक्रिय भूमिका निभाता है। G20 में भारत की भूमिका विशेष महत्व रखती है क्योंकि यह विश्व की 20 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को एकजुट करता है।
3. भारत की विदेश नीति और सम्मेलन
भारत की विदेश नीति मुख्यतः गुटनिरपेक्षता, पंचशील के सिद्धांतों और "वसुधैव कुटुम्बकम्" की अवधारणा पर आधारित है। भारत विभिन्न सम्मेलनों में सक्रिय भूमिका निभाता है और इन मंचों का उपयोग अपनी नीतियों को प्रभावित करने के लिए करता है। भारत के प्रमुख पड़ोसी देशों से संबंध, SAARC (दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन), और ASEAN से जुड़ी पहलें भारत के अंतर्राष्ट्रीय एजेंडे का महत्वपूर्ण अंग हैं।
4. वैश्विक मुद्दे और सम्मेलनों की प्रासंगिकता
वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद, साइबर सुरक्षा, महामारी रोकथाम, और आर्थिक विकास जैसे मुद्दे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों के केंद्रीय विषय हैं। COP (कॉन्फ्रेंस ऑफ द पार्टीज़) सम्मेलन जलवायु परिवर्तन पर वैश्विक कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण है। भारत ने पेरिस समझौते को स्वीकार किया है और 2070 तक कार्बन न्यूट्रल बनने का लक्ष्य रखा है।
5. कूटनीति और संबंध निर्माण का महत्व
शिखर सम्मेलन केवल औपचारिक बैठक नहीं होते बल्कि ये दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने का एक माध्यम हैं। इन सम्मेलनों के दौरान द्विपक्षीय समझौते, सांस्कृतिक आदान-प्रदान समझौते, और आर्थिक सहयोग पर हस्ताक्षर किए जाते हैं। भारत के PM और राष्ट्राध्यक्ष नियमित रूप से विदेश दौरे करते हैं और विभिन्न देशों के नेताओं से मिलते हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
भारत के प्रमुख सम्मेलन आयोजन: भारत ने 2023 में G20 की अध्यक्षता की थी। इसके अंतर्गत भारत ने "वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर" को थीम बनाया। 2022 में भारत ने SCO सम्मेलन की मेजबानी की।
BRICS संगठन: ब्राजील, रूस, भारत, चीन, और दक्षिण अफ्रीका के गठबंधन को BRICS कहा जाता है। भारत इस संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
SAARC की भूमिका: दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, मालदीव, और श्रीलंका को एकजुट करता है।
पंचशील के सिद्धांत: भारत और चीन द्वारा 1954 में स्वीकार किए गए ये सिद्धांत अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के मूल आधार हैं।
संयुक्त राष्ट्र महासभा: भारत के PM अक्सर UNGA में भाषण देते हैं और भारत की विदेश नीति को प्रस्तुत करते हैं।
राजस्थान विशेष
राजस्थान के संदर्भ में अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों की प्रासंगिकता मुख्यतः राजस्थान की भू-राजनीतिक स्थिति और भारत के अंतर्राष्ट्रीय सहयोग में देखी जा सकती है। राजस्थान पाकिस्तान की सीमा पर स्थित है, इसलिए द्विपक्षीय संबंधों और सीमा सुरक्षा राजस्थान के लिए महत्वपूर्ण हैं। राजस्थान में आयोजित होने वाले विभिन्न सांस्कृतिक और व्यावसायिक सम्मेलन भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर महत्व रखते हैं। जयपुर साहित्य समारोह और राजस्थान साहित्य महोत्सव जैसे आयोजन अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक सेतु बनाते हैं।
परीक्षा पैटर्न
RPSC RAS परीक्षा में शिखर सम्मेलन और सम्मेलन से संबंधित प्रश्न निम्नलिखित तरीकों से आते हैं:
प्रकार 1: "हाल ही के किस शिखर सम्मेलन में भारत की अध्यक्षता देखी गई?" - ऐसे प्रश्नों में हालिया घटनाओं का ज्ञान आवश्यक है।
प्रकार 2: "पंचशील के सिद्धांतों को किन देशों के बीच स्वीकार किया गया?" - इतिहास आधारित प्रश्न।
प्रकार 3: "G20 में कितने सदस्य देश हैं?" - तथ्यात्मक प्रश्न।
प्रकार 4: "किस सम्मेलन में भारत 2023 की अध्यक्षता करेगा?" - भविष्य की योजनाओं से संबंधित।
स्मरण युक्तियां
G20 याद रखने के लिए: "Golden 20" - ये विश्व की 20 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं। भारत, जापान, अमेरिका, जर्मनी, ब्रिटेन, चीन आदि मुख्य सदस्य हैं।
BRICS: शब्द में ही पाँचों देश छिपे हैं - ब्राजील (B), रूस (R), भारत (I), चीन (C), दक्षिण अफ्रीका (S)।
SAARC देश: "SAARC = 7 देश" - भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, मालदीव, श्रीलंका।
पंचशील: "पंच = 5 सिद्धांत" - (1) एक-दूसरे की संप्रभुता का सम्मान, (2) अनाक्रमण, (3) आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करना, (4) समानता और परस्पर लाभ, (5) शांतिपूर्ण सहअस्तित्व।
सम्मेलन के प्रकार: "द्विपक्षीय = 2 देश, बहुपक्षीय = 2 से अधिक, एकपक्षीय = 1 देश की घोषणा"।
हाल के सम्मेलन: 2023 में भारत की G20 अध्यक्षता, 2024 में ब्राजील की अध्यक्षता याद रखें।