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RAS Prelims 2026 — तैयारी जारी रखें
📚 राजस्थान इतिहास, कला, संस्कृति, साहित्य, परंपरा एवं विरासत

राजस्थान की प्रमुख बोलियाँ

Major Dialects of Rajasthan

9 मिनटintermediate· History, Art, Culture, Literature, Tradition & Heritage of Rajasthan

परिचय

राजस्थानी भाषा का समृद्ध साहित्यिक इतिहास। ग्रियर्सन ने "लिंग्विस्टिक सर्वे" में राजस्थानी को अलग भाषा माना। 6-7 प्रमुख बोलियाँ।

मारवाड़ी — पश्चिमी राजस्थान

क्षेत्र: जोधपुर, बाड़मेर, जालौर, पाली, नागौर, सीकर, चुरू। सर्वाधिक बोले जाने वाली बोली। "राजस्थानी भाषा का मुकुट।" प्रसिद्ध साहित्य: "ढोला मारू रा दूहा," मीरा बाई के पद।

मेवाड़ी — दक्षिण-मध्य

क्षेत्र: उदयपुर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, भीलवाड़ा। साहित्यिक राजस्थानी का मानक।

ढूंढारी (जयपुरी) — पूर्वी राजस्थान

क्षेत्र: जयपुर, दौसा, टोंक, सवाई माधोपुर।

मेवाती — उत्तर-पूर्व

क्षेत्र: अलवर, भरतपुर, धौलपुर। मेव मुस्लिम इसे बोलते हैं।

हाड़ौती — दक्षिण-पूर्व

क्षेत्र: कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़।

वागड़ी — दक्षिणी राजस्थान

क्षेत्र: डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, प्रतापगढ़। गुजराती और भीली का मिश्रण। आदिवासी क्षेत्र।

राजस्थानी भाषा और मान्यता

राजस्थानी अभी तक आठवीं अनुसूची में शामिल नहीं। ग्रियर्सन 1908। दिंगल (वीरगाथा, मारवाड़ी) और पिंगल (श्रृंगार, ब्रजभाषा मिश्रित)।

RAS Prelims में महत्व

प्रत्येक बोली का क्षेत्र। दिंगल vs पिंगल। राजस्थानी आठवीं अनुसूची में नहीं — परीक्षा में आता है। वागड़ी = आदिवासी; बागड़ी = गंगानगर-हनुमानगढ़।

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