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राजस्थान विधानसभा — गठन, शक्तियाँ एवं इतिहास

Rajasthan Legislative Assembly — Composition, Powers & History

14 मिनटintermediate· Indian Constitution, Political System & Governance

परिचय

राजस्थान विधानसभा राज्य का एकल-सदनीय विधायी निकाय है। राजस्थान में विधान परिषद (Legislative Council) नहीं है, अतः यह एकसदनीय (Unicameral) विधानमंडल है। अनुच्छेद 168 के अनुसार राज्य विधानमंडल राज्यपाल तथा विधानमंडल के सदनों से मिलकर बनता है। RAS Prelims में विधानसभा से हर वर्ष 2–3 प्रश्न आते हैं।

संवैधानिक आधार — अनुच्छेद 168 से 212

  • अनुच्छेद 168 — राज्य विधानमंडल का गठन।
  • अनुच्छेद 170 — विधानसभाओं का गठन (न्यूनतम 60, अधिकतम 500 सदस्य; राजस्थान का अपवाद — देखें नीचे)।
  • अनुच्छेद 172 — कार्यकाल — 5 वर्ष।
  • अनुच्छेद 173 — सदस्यता की योग्यता — 25 वर्ष न्यूनतम।
  • अनुच्छेद 178 — अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष।
  • अनुच्छेद 187 — विधानमंडल का सचिवालय।
  • अनुच्छेद 202 — वार्षिक वित्तीय विवरण (Budget)।

सीटों की संख्या

  • कुल सीटें — 200 (सभी निर्वाचित)।
  • पहले — 199 निर्वाचित + 1 एंग्लो-इंडियन (नामित); 104वें संविधान संशोधन (2019) के बाद एंग्लो-इंडियन नामित सीट समाप्त।
  • आरक्षण — अनुसूचित जाति: 34 सीटें, अनुसूचित जनजाति: 25 सीटें (2023 चुनाव में)।
  • स्थान — जयपुर, विधान भवन, ज्योति नगर।

अध्यक्ष (Speaker) एवं उपाध्यक्ष

  • अनुच्छेद 178 के अंतर्गत विधानसभा के सदस्य अपने में से एक को अध्यक्ष और दूसरे को उपाध्यक्ष चुनते हैं।
  • अध्यक्ष सदन की बैठकों की अध्यक्षता करता है, कार्यवाही संचालित करता है, और निर्णायक मत (casting vote) देता है।
  • प्रथम अध्यक्षनरोत्तम लाल जोशी (शपथ 31 मार्च 1952)।
  • वर्तमान अध्यक्ष (अप्रैल 2026 तक)वासुदेव देवनानी (16वीं विधानसभा), भाजपा, दिसंबर 2023 से।

महत्वपूर्ण ऐतिहासिक तथ्य

  • प्रथम विधानसभा — 1952 में गठित; प्रथम सत्र 29 मार्च 1952।
  • प्रथम मुख्यमंत्री — हीरालाल शास्त्री (7 अप्रैल 1949, वृहत्तर राजस्थान)।
  • 16वीं विधानसभा — 2023 चुनाव के बाद; भाजपा को बहुमत (115 सीटें, NDA कुल 124)।
  • प्रथम महिला अध्यक्ष — सुमित्रा सिंह (2003-2008)।
  • महिला सदस्य — 16वीं विधानसभा में 20 महिला विधायक (10% — ऐतिहासिक रूप से कम)।

सत्र एवं कार्यवाही

  • वर्ष में कम से कम दो सत्र अनिवार्य; दो सत्रों के बीच 6 महीने से अधिक का अंतर नहीं (अनुच्छेद 174)।
  • सत्र बुलाना, सत्रावसान, विघटन — राज्यपाल द्वारा।
  • कोरम — सदस्यों की कुल संख्या का 1/10 या 10, जो भी अधिक हो (अनुच्छेद 189)।
  • गणपूर्ति (Quorum) — 20 सदस्य (राजस्थान के लिए)।

शक्तियाँ

  • विधायी — राज्य सूची (List II) एवं समवर्ती सूची (List III) के विषयों पर कानून बनाना।
  • वित्तीय — बजट पारित करना, धन विधेयक (Money Bills) पर अंतिम शक्ति।
  • कार्यकारी नियंत्रण — मंत्रिपरिषद के प्रति उत्तरदायित्व, अविश्वास प्रस्ताव।
  • संविधान संशोधन — संघीय संरचना वाले संशोधनों के लिए कम से कम आधे राज्यों का अनुसमर्थन आवश्यक।

RAS Prelims के लिए मुख्य बिंदु

  • राजस्थान — एकसदनीय विधानमंडल (कोई विधान परिषद नहीं)।
  • कुल सीटें — 200 (सभी निर्वाचित, 104वें संशोधन 2019 के बाद)।
  • SC आरक्षण — 34, ST आरक्षण — 25 (2023 चुनाव)।
  • कार्यकाल — 5 वर्ष।
  • न्यूनतम आयु (सदस्य) — 25 वर्ष।
  • प्रथम अध्यक्ष — नरोत्तम लाल जोशी (1952)।
  • प्रथम महिला अध्यक्ष — सुमित्रा सिंह।
  • वर्तमान अध्यक्ष — वासुदेव देवनानी (दिसंबर 2023 से)।
  • स्थान — विधान भवन, ज्योति नगर, जयपुर।
  • अनुच्छेद 174 — सत्र अंतराल अधिकतम 6 माह।

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