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मुद्रास्फीति — प्रकार, कारण और नियंत्रण उपाय

Inflation — Types, Causes and Control Measures for RAS

10 मिनटintermediate· Economic Concepts and Indian Economy

परिचय

मुद्रास्फीति वस्तुओं और सेवाओं के सामान्य मूल्य स्तर में निरंतर वृद्धि है। RAS Prelims में मुद्रास्फीति अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह मौद्रिक नीति, RBI और आर्थिक नियोजन से जुड़ी है।

मुद्रास्फीति के प्रकार

दर के आधार पर

रेंगती मुद्रास्फीति (0-3%): हल्की, अर्थव्यवस्था के लिए स्वस्थ मानी जाती है। चलती मुद्रास्फीति (3-10%): मध्यम, निगरानी जरूरी। दौड़ती मुद्रास्फीति (10-20%): गंभीर समस्या। अतिमुद्रास्फीति (>20%): विनाशकारी।

कारण के आधार पर

मांग-खिंचाव मुद्रास्फीति: "बहुत अधिक मुद्रा, बहुत कम वस्तुएं।" अत्यधिक मांग के कारण। लागत-दबाव मुद्रास्फीति: उत्पादन लागत बढ़ने से (वेतन, कच्चा माल)। संरचनात्मक मुद्रास्फीति: विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में आपूर्ति बाधाओं के कारण।

भारत में महत्वपूर्ण मुद्रास्फीति सूचकांक

CPI (उपभोक्ता मूल्य सूचकांक): खुदरा मूल्य परिवर्तन मापता है। आधार वर्ष 2012। RBI मौद्रिक नीति के लिए उपयोग करता है। WPI (थोक मूल्य सूचकांक): थोक मूल्य मापता है। आधार वर्ष 2011-12।

मुद्रास्फीति नियंत्रण के RBI उपकरण

रेपो दर: RBI जिस दर पर बैंकों को ऋण देता है। रेपो दर बढ़ाने से मुद्रा आपूर्ति घटती है। CRR: नकद आरक्षित अनुपात। SLR: वैधानिक तरलता अनुपात। OMO: खुला बाजार परिचालन।

RAS Prelims में महत्व

ध्यान दें: मुद्रास्फीति के प्रकार, CPI बनाम WPI, RBI उपकरण, भारत का हालिया मुद्रास्फीति डेटा।

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