परिचय
राजस्थानी चित्रकला भारतीय कला की सबसे समृद्ध परंपरा। चार मेगा-शैलियाँ: मेवाड़, मारवाड़, हाड़ौती और ढूंढार।
मेवाड़ शैली
सबसे प्राचीन। केंद्र: उदयपुर, नाथद्वारा, देवगढ़। लाल और पीले रंगों की प्रधानता। प्रसिद्ध कलाकार: साहिबदीन (17वीं सदी)। सबसे पुरानी राजस्थानी चित्रकृति: 1261 ई. (मेवाड़)। नाथद्वारा: पिछवाई चित्रकला।
मारवाड़ शैली
केंद्र: जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर, किशनगढ़। किशनगढ़ शैली: सबसे प्रसिद्ध "बनी-ठनी" चित्र। राजा सावंत सिंह (नागरीदास) और चित्रकार निहालचंद। "राजस्थानी चित्रकला की मोनालिसा।"
बीकानेर शैली: मुगल प्रभाव। उस्ता कलाकार परिवार — ऊँट की खाल पर चित्र।
हाड़ौती शैली
बूंदी शैली: गहरे हरे रंग की प्रधानता। "रसिकप्रिया" और "बारहमासा" चित्र। पतली सुंदर रेखाएं। कोटा शैली: शिकार दृश्य और घुड़सवारी।
ढूंढार शैली
शेखावाटी: हवेलियों पर भित्तिचित्र (Frescoes) के लिए प्रसिद्ध।
RAS Prelims में महत्व
बनी-ठनी = हर परीक्षा में — चित्रकार निहालचंद, शैली किशनगढ़। पिछवाई = नाथद्वारा। भित्तिचित्र = शेखावाटी। प्राचीनतम: 1261 ई., मेवाड़।