परिचय
राजस्थान में अनुसूचित जनजातियां कुल जनसंख्या का 13.5% हैं (2011 जनगणना) — 92.52 लाख।
1. भील जनजाति — सबसे बड़ी
मुख्यतः उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़। नायक को तड़वी कहते हैं। मूल ग्राम इकाई: पाल। भील महिला: गमेती। भगोरिया पर्व — होली के समय विवाह त्योहार। राणापूंजा — महाराणा प्रताप का भील सेनापति।
2. मीणा जनजाति — दूसरी सबसे बड़ी
मुख्यतः जयपुर, अलवर, भरतपुर, दौसा, सवाई माधोपुर, सीकर। मत्स्य प्रदेश के मूल निवासी। पड़ियार उपसमूह की विशेष पहचान।
3. गरासिया जनजाति
सिरोही, उदयपुर, पाली। चौहान राजपूतों के वंशज। मोरबंधिया विवाह — पुरुष महिला के घर रहता है। देवी: रूपिन माता। घेर नृत्य और मादल वाद्ययंत्र।
4. सहरिया जनजाति
राजस्थान की एकमात्र विशेष रूप से कमजोर जनजाति (PVTG)। बारां जिले के शाहाबाद और किशनगंज। निवास: सहराना।
5. डामोर जनजाति
मुख्यतः डूंगरपुर में। भीलों की उपजनजाति।
जनजातीय विकास
माणिक्यलाल वर्मा जनजाति विश्वविद्यालय, उदयपुर।
RAS Prelims में महत्व
3-5 प्रश्न प्रतिवर्ष। सबसे बड़ी — भील। दूसरी — मीणा। PVTG — सहरिया (बारां)। भगोरिया — भील विवाह पर्व। राणापूंजा — प्रताप का भील सेनापति। ट्रिक: भील-मीणा-गरासिया-सहरिया — बड़े से छोटे क्रम में।